Nipah virus kaise failta hai ? पूरी जानकारी हिंदी में

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By Suraj Shukla

Nipah virus kaise failta hai ? पूरी जानकारी हिंदी मे

Nipah virus

HINDI ME ब्लॉग पर आप का स्वागत है.आज मै आप को Nipah virus kaise failta hai or Nipah virus kya hai के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दूंगा.केरल में निपाह नामक बीमारी ने अब तक 12 लोगों की जान ले ली है.सरकारी आंकड़ो के अनुसार 14 और लोग निपाह के चपेट में हैं,या उन पर virus attack हुवा है.जबकि 18 से 20 मामलों में इसकी जाँच हो रही है.इस खतरनाक बीमारी के कारण केरल और उसके आस पास के राज्ये को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

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Nipah क्या है

nipah virus ki jankari

निपाह नामक ये खतरनाक बीमारी दरअसल जूनोटिक किस्म का एक virus है.यानी एक ऐसा वायरस जो जानवरों से इंसानो में फैलता है.निपाह बीमारी सबसे पहले 1998-99 में मलेशिया के निपाह नाम के एक गाँव मे फैला था इसलिए इस बीमारी का नाम उस जगह के नाम पर निपाह रख दिया गया.

भारत मे Nipah virus कब फैला

मलेशिया से फैले इस बीमारी ने दुनिया भर में हज़ारों लोगों की जान अब तक ले चुका है.Nipah virus का सबसे पहला मामला भारत मे सन 2001 में पश्चिम बंगाल के सिल्लीगुड़ी में सामने आया था. सिल्लीगुड़ी में इस बीमारी ने 45 लोंगो की जान ले ली थी.इस बार इसने केरला को निशाना बनाया है और अब तक 12 लोगो की जान इस बीमारी के कारण जा चुकी है.

निफा वायरस: Nipah Virus Symptoms in Hindi - Important Facts About Mysterious Nipah Virus Which Claimed 10 Lives in Kerala | निपाह वायरस के बारे में जानिए सबकुछ, क्या है लक्षण और

Nipah virus kaise failta hai

चमगादड़ और सुअर से – वैज्ञानिको का कहना है कि nipah virus कई तरह के जानवरों से इंसानो में आ सकता है. लेकिन अभी तक सिर्फ दो ही जानवर मिले हैं जिनसे ये बीमारी इंसानो में फैली है.चमगादड़ और सुअर से ये बीमारी इंसानों में आई है.
फलों से फैलता है – निपाह नाम का ये खतरनाक बीमारी फलों के द्वारा भी इंसानो में फैल सकता है.ऐसे फल जिन्हें निपाह प्रभावित चमगादड़ ने चखा हो या उनके पैशाब के संपर्क में आया हो, अगर इस तरह के फल को कोई इंसान खा ले तो वो निपाह से पीड़ित हो सकता है.
इंसान से इंसान में – ये एक तरह का संक्रमण रोग की तरह है यानी के ये बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैलता है. बीमार इंसान के छीकने और खाँसने से भी दूसरों को निपाह बीमारी हो सकता है.इसलिए निपाह के मरीजों को अलग जगह रखा जाता है.

Nipah के लक्षण

निपाह का वायरस तुरंत असर नही दिखाता है.4 से 15 दिन लग सकते हैं इसके लक्षण नजर आने में.nipah virus इंसानी शरीर मे घुसते हैं लेकिन कुछ दिनों तक इनकी उपस्थित का अहसास इंसान को नही होता है,इस अवधि को इंक़यूबेशन पीरियड कहा जाता है.virus attack का जब असर शुरू होता है तो इससे ग्रसित इन्सान सिर दर्द,हल्का बुखार ,कफ तथा थकान जैसा महसूस करता है.जैसे जैसे virus attack का असर तेज़ होता है मरीज़ को सांस लेने में तकलीफ होने लगत

Nipah का इलाज़

निपाह नाम के इस खतरनाक बीमारी का अभी तक कोई कारगर दावा या वेक्सिन नही बना है.इसलिए इस से बचाव ज़रूरी है.कुछ दवाई कंपनियां इसका वेक्सिन डेवेलोप करने में लगी हैं और उम्मीद है कि बहुत जल्द इसका इलाज संभव हो सकेगा

Nipah virus से कैसे बचे – virus protection

  • इस लाइलाज़ बीमारी से बचना बहुत ज़रूरी है क्यो की इसका कोई उपचार नही है.
  • हमेशा मास्क पहन कर घर से बाहर निकलें.
  • बिना हाथ धोये कुछ न खाएं.
  • किसी भी फल को खाने से पहले अछि तरह से साफ पानी से धो ले उसके बाद ही खाये.
  • अधपके फल या थोड़े सड़े गले फल को खाने से परहेज करना चाहिए.
  • बिना ज़रूरत अपने हाथों को मुँह,नाक,कान जैसे शरीर के अंदरूनी हिस्से में न डालें.
  • सर्दी खांसी होने पर बहुत एहतेयात बरते,जहाँ तहाँ हाथों को न पोछे और छीकते वक़्त मुँह को रुमाल में ढक के रखें.

 

 

आज के इस पोस्ट में मैंने nipah virus ki jankari hindi me देने की कोशिश की है.nipah virus kya hai? nipah virus india me kab aaya? nipah virus se kaise bache? nipah virus ka ilaj kaise kare? इन सारे सवालों के जवाब इस पोस्ट में दिया गया है.अगर आप के मन में कोई और सवाल हो तो आप कमेन्ट कर के पूछ सकते हैं.किसी बिमारी से बचने का सबसे अच्छा तरीका होता है सावधानी,लेकिन अगर हर तरह के सावधानी के बाद भी कोई बिमारी हो जाये तो तुरंत किसी अच्छे हॉस्पिटल या अच्छे डॉक्टर से अपना इलाज कराना चाहिए.

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यदि लोग किसी संक्रमित जानवर या उसके शरीर के तरल पदार्थ (जैसे लार या मूत्र) के निकट संपर्क में आते हैं तो वे संक्रमित हो सकते हैं – जानवर से किसी व्यक्ति में इस प्रारंभिक प्रसार को स्पिलओवर इवेंट के रूप में जाना जाता है। एक बार जब यह लोगों में फैल जाता है, तो NiV का व्यक्ति-से-व्यक्ति में भी प्रसार हो सकता है।

निपाह वायरस क्या है?

निपाह वायरस (NiV) पहली बार 1999 में मलेशिया और सिंगापुर में सूअरों और लोगों में बीमारी फैलने के बाद खोजा गया था। इस प्रकोप के परिणामस्वरूप लगभग 300 मानव मामले और 100 से अधिक मौतें हुईं, और पर्याप्त आर्थिक प्रभाव पड़ा क्योंकि प्रकोप को नियंत्रित करने में मदद के लिए 1 मिलियन से अधिक सूअर मारे गए थे।

जबकि 1999 के बाद से मलेशिया और सिंगापुर में NiV का कोई अन्य ज्ञात प्रकोप नहीं हुआ है, तब से एशिया के कुछ हिस्सों में – मुख्य रूप से बांग्लादेश और भारत में – इसका प्रकोप लगभग हर साल दर्ज किया गया है। इन प्रकोपों ​​में वायरस को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता हुआ दिखाया गया है, जिससे NiV के वैश्विक महामारी पैदा करने की संभावना के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं।

NiV पैरामाइक्सोविरिडे परिवार , जीनस हेनिपावायरस का सदस्य है । यह एक ज़ूनोटिक वायरस है, जिसका अर्थ है कि यह शुरू में जानवरों और लोगों के बीच फैलता है। NiV के लिए पशु मेजबान भंडार फल चमगादड़ (जीनस टेरोपस ) है, जिसे उड़ने वाली लोमड़ी के रूप में भी जाना जाता है। यह देखते हुए कि NiV आनुवंशिक रूप से हेंड्रा वायरस से संबंधित है , एक अन्य हेनिपावायरस जिसे चमगादड़ द्वारा प्रसारित किया जाता है, चमगादड़ प्रजातियों को तुरंत जांच के लिए चुना गया और उड़ने वाली लोमड़ियों को बाद में जलाशय के रूप में पहचाना गया।

संक्रमित फल चमगादड़ लोगों या सूअरों जैसे अन्य जानवरों में बीमारी फैला सकते हैं। यदि लोग किसी संक्रमित जानवर या उसके शरीर के तरल पदार्थ (जैसे लार या मूत्र) के निकट संपर्क में आते हैं तो वे संक्रमित हो सकते हैं – जानवर से किसी व्यक्ति में इस प्रारंभिक प्रसार को स्पिलओवर इवेंट के रूप में जाना जाता है। एक बार जब यह लोगों में फैल जाता है, तो NiV का व्यक्ति-से-व्यक्ति में भी प्रसार हो सकता है।

NiV संक्रमण के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक होते हैं, 1998 और 2018 के बीच प्रलेखित प्रकोपों ​​​​में संक्रमित 40% -70% लोगों की मृत्यु हो गई।

पेड़ों में लगे जूठे फलों से फैल सकता है Nipah Virus? जानें आकाश में उड़ने वाला ये प्राणी कैसे है इस बीमारी का जनक

केरल में एक बार फिर निपाह वायरस को लेकर अलर्ट (Nipah Alert in Kerala) जारी किया गया है। ऐसे मे जानना जरूरी है कि निपाह वायरस इंसानों में कैसे फैलता है और किन बातों का ख्याल रखकर इससे बचा जा सकता है

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केरल में एक बार फिर निपाह वायरस को लेकर अलर्ट (Nipah Alert in Kerala) जारी किया गया है। ऐसे मे जानना जरूरी है कि निपाह वायरस इंसानों में कैसे फैलता है और किन बातों का ख्याल रखकर इससे बचा जा सकता है

 nipah virus in hindi- India TV Hindi

हर साल भारत में निपाह वायरस के मामले सामने आते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। दरअसल, केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस के कारण दो लोगो की मौत हो गई है जिसके बाद यहां अलर्ट(Nipah Alert in Kerala) जारी कर दिया गया है। बता दें कि ये इस साल का पहला पहला या दूसरा मामला नहीं है बल्कि, इस साल अलग-अलग समय में इस बीमारी से कई मौतें हो चुकी हैं। ऐसे में हम हर बार इस बीमारी का नाम तो सुनते हैं लेकिन इसके सही कारणों को नहीं जान पाते या इस समझ नहीं पाते। जबकि इस बीमारी से बचने के लिए उन कारणों के बारे में जानना बेहद जरूरी है जो कि इसके जनक हैं। तो, आइए आज विस्तार से समझते हैं निपाह वायरस को (Nipah virus in hindi) डॉ. अजय नायर, कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन, नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल जयपुर से।

निपाह वायरस क्या है-What is Nipah virus

निपाह वायरस (NiV) जूनोटिक वायरस है जो जानवरों और लोगों के बीच फैलता है। यह मुख्य रूप से फल वाले चमगादड़ों के माध्यम से फैलता है, लेकिन सूअर, बकरी, घोड़े, कुत्ते और बिल्लियों जैसे अन्य जानवरों के माध्यम से भी फैल सकता है। दरअसल, ये वायरस हवा के जरिए तो नहीं फैलता है लेकिन ये संक्रमित तरह पदार्थो या फ्यूल्ड ड्रोपलेट्स के जरिए फैल सकता है।

निपाह वायरस इंसानों में कैसे फैलता है-How nipah virus spread in hindi

निपाह वायरस (NiV) इन कारणों से लोगों में फैल सकता है, जैसे

-संक्रमित जानवरोंजैसे चमगादड़ या सूअर  के तरल पदार्थ जैसे खून, पेशाब या लारके सीधे संपर्क में आना से।
-ऐसे खाद्य उत्पादों का सेवन करना जो संक्रमित जानवरों के शरीर के तरल पदार्थ से दूषित हो गए हों।
-संक्रमित लोगों से।
-निपाह वायरस से पीड़ित व्यक्ति के देखरेख करने वालों में भी ये फैल सकता है।

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